मेरठ। मेरठ की 20 वर्षीय बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल गरमा गया है। मामले में न्याय की मांग को लेकर दलित संगठनों ने महापंचायत आयोजित की और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सभी आरोपियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने गांव कल्याणपुर निवासी अंकुश को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और मोबाइल फोन में कुछ फोटो व चैट देखने के बाद हुए विवाद के चलते आरोपी ने हत्या कर शव को रोहटा थाना क्षेत्र के उपरसिया जंगल स्थित गन्ने के खेत में फेंक दिया।
हालांकि, पीड़ित परिवार इस जांच से संतुष्ट नहीं है। उनका आरोप है कि इतने बड़े हत्याकांड को एक व्यक्ति अकेले अंजाम नहीं दे सकता और इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। परिवार ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, दोषियों को कड़ी सजा, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
(नोट: यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। पुलिस के दावे और पीड़ित परिवार के आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत के निर्णय के बाद ही होगी।)


Related Posts
गोरखपुर : PUBG में 3 लाख रुपये हारे 11वीं के छात्र ने रची अपने अपहरण की झूठी कहानी, AI से बनवाई ‘खून से लथपथ’ फोटो
बरेली : समय पर राजस्व टीम पहुंचती तो कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंचता मामला, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
बरेली : सुरक्षा के साथ सम्मान भी: शेरगढ़ पुलिस ने कांवड़ियों को बांटी टी-शर्ट