
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान आयोजित मछली भोज को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सावन के महीने में हुए इस आयोजन को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर सनातन और हिंदू भावनाओं के अपमान का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सम्मेलन में सरकार और बीजेपी पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला।
रिपोर्ट के मुताबिक, गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र के तारुन विकासखंड स्थित अर्पित मैरिज लॉन में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस में शामिल हुए राम निहाल निषाद ने किया। सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। इसी दौरान कार्यकर्ताओं के लिए मछली भोज का आयोजन किए जाने की बात सामने आई।
मंदिर में दर्शन के बाद मछली भोज पर BJP का हमला
अजय राय ने सम्मेलन से पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने रामजन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन किए।
इसी को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए कि एक तरफ अजय राय अयोध्या के मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी दौरे के दौरान कांग्रेस सम्मेलन में मछली भोज का आयोजन किया गया।

बीजेपी महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सावन में मछली भोज केवल भोजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस से इस आयोजन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।
अजय राय बोले— ‘अब सरकार नहीं, हनुमान जी पर भरोसा’
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अजय राय ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यक्रमों की शुरुआत भगवान के दर्शन-पूजन से करती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हनुमान जी से देश और प्रदेश में अत्याचार एवं अन्याय के खिलाफ कार्रवाई की प्रार्थना की है और अब उन्हें सरकार से ज्यादा हनुमान जी पर भरोसा है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भी अजय राय ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मंदिर में सीईओ की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए धर्माचार्यों की नियुक्ति की मांग की और कहा कि राम मंदिर को व्यापार का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा।
‘जो राम के नहीं हुए, वे अब किसी के नहीं होंगे’
अजय राय ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि “जो राम के नहीं हुए, वे अब किसी के नहीं होंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि राम के चढ़ावे का चंदा चोरी करने वाले खुद को सनातनी कहते हैं, जबकि ऐसे लोगों ने भगवान राम की छवि को दुनिया में बदनाम किया है।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर अजय राय ने कहा कि अंतिम फैसला कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।
कांग्रेस के अंदर से भी उठे सवाल
रिपोर्ट में कांग्रेस जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह के हवाले से कहा गया है कि मछली भोज का मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने बताया कि वे अजय राय के साथ गए थे और उनके साथ ही वापस लौटे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा आयोजन हुआ है तो राम निहाल निषाद को ऐसा नहीं करना चाहिए था।
वहीं बीजेपी जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि सावन में अजय राय अयोध्या के मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं और जिस सम्मेलन में वे पहुंचे, वहां मछली भोज का आयोजन किया गया। बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस की धार्मिक सोच पर सवाल उठाए हैं।
मामले ने अयोध्या की सियासत को गरमा दिया है। एक तरफ कांग्रेस सरकार और बीजेपी पर हमलावर है, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने मछली भोज को सनातन और हिंदू आस्था से जोड़कर कांग्रेस पर तीखा पलटवार शुरू कर दिया है।

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