बिजनौर: उत्तर प्रदेश की बिजनौर पुलिस ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ के फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक संगठित ‘हनीट्रैप’ गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की महिला सदस्य और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
साजिश रचकर करते थे वसूली
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से सीधे-सादे और संपन्न लोगों को अपना निशाना बनाता था। पहले गिरोह में शामिल महिला पीड़ितों से संपर्क बढ़ाती थी और बाद में उन पर दुष्कर्म या छेड़छाड़ के संगीन आरोप लगाकर थाने में तहरीर दिलवा दी जाती थी। मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर या केस दर्ज होने के तुरंत बाद गिरोह के अन्य सदस्य ‘फैसले’ के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम की मांग करते थे। बदनामी और जेल जाने के डर से पीड़ित पक्ष लाखों रुपये देने को मजबूर हो जाता था।
जांच में खुली पोल
हाल ही में सामने आए एक मामले की गहन विवेचना और सर्विलांस की मदद से पुलिस को शिकायतकर्ता महिला और उसके साथियों पर शक हुआ। जब पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और कॉल डिटेल खंगाली, तो ब्लैकमेलिंग और साजिश की पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पहले भी कई लोगों को इसी तरह फर्जी मुकदमों में फंसाकर पैसे वसूल चुके हैं।
विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रंगदारी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने से जुड़ी सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इस नेटवर्क में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।


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