
बरेली। बरेली की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद के परिवार के एक सदस्य का नाम समाजवादी पार्टी की उम्मीदवारों की सूची में सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे पूर्व सांसद के परिवार का सपा के साथ जुड़ाव कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह कदम भाजपा से दूरी बढ़ने और नए राजनीतिक समीकरण बनने का संकेत है?
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पूर्व सांसद को बरेली से भाजपा का टिकट न मिलने के बाद परिवार ने पार्टी से अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया? हालांकि, इस संबंध में पूर्व सांसद या उनके परिवार की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अब देखना होगा कि सपा की उम्मीदवार सूची में परिवार के सदस्य का नाम आने के पीछे क्या राजनीतिक रणनीति है और आने वाले समय में इसका बरेली की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

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