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August 13, 2026

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली/बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र में दर्ज दंगा, पथराव और पुलिस पर हमले के मामले में मौलाना तौकीर रजा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट भी जमानत देने से इनकार कर चुका था।

मौलाना तौकीर रजा को 26 सितंबर 2025 को दंगा प्रकरण में गिरफ्तार कर फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार भेजा गया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में 28 नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू तथा एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड साक्षी कक्कड़ ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कथित रूप से आपराधिक इतिहास का पूरा विवरण प्रस्तुत नहीं किया। पुलिस के अनुसार, अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि मौलाना तौकीर रजा के विरुद्ध अब तक 24 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें कई मामले समान प्रकृति के बताए गए।

सुनवाई के दौरान विवेचक संजय कुमार धीर, थाना कैंट के प्रभारी तथा पुलिस टीम भी सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रही। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विवेचक और उनकी टीम ने कई दिनों तक मामले की तैयारी कर पक्ष रखा।

दंगा प्रकरण के बाद शहर के विभिन्न थानों में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस अब तक करीब 100 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में भी तेजी आएगी।

पुलिस के अनुसार, बारादरी थाना के मुकदमा संख्या 1146/2025 में गवाहों के परीक्षण के लिए अगली तारीख 20 जुलाई 2026 निर्धारित है और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक पर चलने की संभावना है। वहीं मुकदमा संख्या 489/2025 में अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को होगी।

नोट: इस मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय ट्रायल के बाद न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।

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