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August 13, 2026

साइबर अलर्ट: किसी को भी अपना मोबाइल देने से पहले रहें सावधान, कुछ सेकंड की लापरवाही पड़ सकती है भारी

फोन में मौजूद बैंकिंग, ईमेल, फोटो और निजी जानकारी हो सकती है अपराधियों के कब्जे में; एक मामले में गाना सुनने के बहाने मोबाइल लेकर किया गया कथित दुरुपयोग।

नई दिल्ली । आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि हमारी पूरी डिजिटल जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। बैंक खाते, यूपीआई, ईमेल, सोशल मीडिया, निजी फोटो, दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण जानकारियां इसी में सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अपना फोन बिना सोचे-समझे देना गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।

हाल ही में सामने आए एक मामले में एक युवती ने बताया कि उसने रिश्ते में मुंहबोले भाई कहे जाने वाले व्यक्ति को गाना सुनने के लिए कुछ मिनटों के लिए अपना मोबाइल दिया। युवती उसको भैया बोलती थी और  कई सालों से जानती है ।आरोप है कि उस दौरान उसने मोबाइल से एक QR कोड स्कैन किया और कुछ ही समय बाद फोन वापस कर दिया। शुरुआत में सब सामान्य लगा, लेकिन बाद में पता चला कि मोबाइल और उससे जुड़े कई ऑनलाइन खातों का एक्सेस किसी अन्य व्यक्ति के पास पहुंच गया।

पीड़िता के अनुसार, जीमेल, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाए जाने के बाद उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जाने लगा। मामले की शिकायत संबंधित थाने में दर्ज करा दी गई है और पुलिस जांच कर रही है।

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल किसी के हाथ में जाने के बाद कुछ ही सेकंड में कई तरह की गतिविधियां की जा सकती हैं, जैसे किसी ऐप को इंस्टॉल करना, किसी संदिग्ध QR कोड को स्कैन करना, या अन्य माध्यमों से डिवाइस की सुरक्षा से छेड़छाड़ करने का प्रयास करना। हालांकि, केवल QR कोड स्कैन करने से हर स्थिति में फोन हैक हो जाना तय नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके बाद क्या कार्रवाई की गई और उपयोगकर्ता ने किन अनुमतियों (Permissions) को मंजूरी दी।

साइबर सुरक्षा के लिए रखें ये सावधानियां:

  • अपना मोबाइल किसी अनजान या कम भरोसेमंद व्यक्ति को न दें।
  • किसी भी QR कोड को बिना जानकारी के स्कैन न करें।
  • फोन में स्क्रीन लॉक और ऐप लॉक का उपयोग करें।
  • केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
  • समय-समय पर जीमेल और अन्य अकाउंट की Login Activity जांचते रहें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पासवर्ड बदलें और पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

नोट: यदि आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो बिना देर किए नजदीकी पुलिस थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते कार्रवाई करने से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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