
नई दिल्ली। पेपर लीक के खिलाफ चले CJP आंदोलन को लेकर ये दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंस्टाग्राम रील्स के जरिए युवाओं (Gen-Z) से सीधे संवाद करने की रणनीति का आंदोलन पर असर पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर रील्स के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। लेख में कहा गया है कि इस डिजिटल संवाद को युवाओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री के इस नए सोशल मीडिया अभियान के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक नए फॉलोअर्स जुड़े। साथ ही, उनकी रील्स को करोड़ों लोगों ने देखा और बड़ी संख्या में लाइक भी मिले।
Gen-Z वर्ग पारंपरिक भाषणों और लंबे लेखों की तुलना में छोटे वीडियो (रील्स) के माध्यम से अधिक जुड़ता है। इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर सक्रिय संवाद स्थापित किया। जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और सोशल मीडिया पर बने माहौल के बाद सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कठोर कानून लाने की घोषणा की।

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