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August 13, 2026

CJI की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी से शुरू हुआ आंदोलन, सोशल मीडिया से जंतर-मंतर तक पहुंचा विरोध; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खत्म हुआ अभियान

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में CJI द्वारा की गई ‘कॉकरोच’ संबंधी टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे सोशल मीडिया अभियान, मीम्स और जनआंदोलन में बदल गया। इस अभियान का नेतृत्व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अभिजीत दीपके ने किया, जिन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ नाम से एक व्यंग्यात्मक अभियान शुरू किया। देखते ही देखते यह अभियान लाखों युवाओं से जुड़ गया और बाद में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन का रूप ले लिया।

बताया गया कि CJI की टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर युवाओं से एकजुट होने की अपील की। इसके बाद ‘कॉकरोच’ शब्द आंदोलन की पहचान बन गया। सोशल मीडिया पर मीम्स, पोस्टर और रील्स वायरल होने लगे तथा कुछ ही दिनों में अभिजीत दीपके के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या लगभग 2.1 करोड़ तक पहुंच गई।

NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए CJP ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए। 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी। आंदोलन के दौरान कई चरणों में वार्ता हुई और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भूख हड़ताल कर आंदोलन का समर्थन किया।

आंदोलन के लगातार दबाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही आंदोलन को अपनी सबसे बड़ी सफलता माना गया।

प्रमुख घटनाक्रम

  • 15 मई: सुप्रीम कोर्ट में CJI की ‘कॉकरोच’ संबंधी टिप्पणी चर्चा में आई।
  • 16 मई: सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ अभियान की शुरुआत।
  • 4 जून: पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन का आह्वान।
  • 6 जून: दिल्ली में पहले प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
  • 20 जून: जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
  • 28 जून: सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की।
  • 20–24 जुलाई: सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता।
  • 25 जुलाई: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलन की बड़ी सफलता।

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