
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद उनके मंच का कथित तौर पर शुद्धीकरण किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे दलितों के प्रति जातिवादी और सामंती मानसिकता का उदाहरण बताया।
मायावती ने कहा कि यदि खरगे के दलित होने के कारण मंच का शुद्धीकरण किया गया है तो यह अति-निंदनीय और चिंताजनक है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मांग की कि ऐसे जातिवादी मानसिकता वाले तत्वों के खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बसपा प्रमुख ने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने इस घटना को सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर विषय बताते हुए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मायावती के बयान के बाद हल्द्वानी की यह घटना राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है।

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