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October 3, 2026

बंद ईंट भट्ठे में चल रही थी अवैध हथियारों की फैक्ट्री, चार आरोपी गिरफ्तार

आंवला पुलिस की कार्रवाई, तमंचे-पौनिया समेत हथियार बनाने का सामान बरामद; नेटवर्क की जांच जारी

बरेली। आंवला थाना क्षेत्र में बंद पड़े ईंट भट्ठे में कथित रूप से अवैध हथियार तैयार किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बने और अधबने हथियारों के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का नेटवर्क बदायूं से कासगंज तक फैला हुआ है और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

बंद भट्ठे को बनाया हथियार बनाने का ठिकाना

पुलिस के अनुसार, आंवला क्षेत्र में एक बंद ईंट भट्ठे के अंदर अवैध असलहे बनाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देर रात घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। वहां कथित रूप से हथियार तैयार करते मिले चार लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेंद्र प्रताप सिंह, रजत प्रताप सिंह उर्फ शंकर, रामगोपाल और अवधेश के रूप में बताई गई है। पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की और बरामद सामान को कब्जे में लिया।

12 तमंचे और हथियार बनाने के उपकरण बरामद

पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान मौके से 12 तमंचे, एक पौनिया, एक देसी राइफल, एक कारतूस, सात नाल, ट्रिगर, स्प्रिंग और अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा हथियार तैयार करने और उनकी मरम्मत में इस्तेमाल होने वाला सामान भी मिला है। पुलिस ने मौके से एक कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

पुलिस का कहना है कि बरामद कार को सीज कर दिया गया है। चारों आरोपियों के खिलाफ आंवला थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

कम कीमत पर तैयार कर ज्यादा दाम में बेचने का दावा

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर तमंचे और पुराने हथियारों की मरम्मत भी करते थे। पुलिस का दावा है कि तैयार हथियारों को कम लागत में बनाकर आगे अधिक कीमत पर बेचा जाता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब दो साल से इस काम में सक्रिय थे। हथियारों की मांग के आधार पर इन्हें तैयार करने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितने हथियार तैयार किए गए और उन्हें किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया।

बदायूं से कासगंज तक नेटवर्क की जांच

एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के मुताबिक आरोपियों के नेटवर्क और उनके संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क बदायूं से लेकर कासगंज तक फैले होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों की भी जांच की जा रही है, ताकि हथियार खरीदने वाले लोगों तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके।

पुलिस के मुताबिक योगेंद्र प्रताप सिंह और रजत प्रताप सिंह उर्फ शंकर के खिलाफ बदायूं जिले के विभिन्न थानों में पहले से मुकदमे दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।

कोर्ट में पेश करने के बाद भेजे गए जेल

पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब जांच का प्रमुख बिंदु हथियारों की सप्लाई चेन है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित अवैध फैक्ट्री से तैयार हथियार किन इलाकों में और किन लोगों को बेचे गए। मामले में सामने आने वाले अन्य नामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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