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October 3, 2026

बच्ची की हत्या कर शव से निकाले अंग, चाकू से काटी जुबान-नाक और फोड़ी आंखें; अंधविश्वास में पड़ोसी ने की दरिंदगी

कानपुर | विशेष रिपोर्ट

एक मासूम बच्ची की हत्या और उसके शव के साथ बर्बरता का ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे गांव को झकझोर दिया। बच्ची के लापता होने के बाद ग्रामीणों ने रातभर उसकी तलाश की। बाद में उसका शव मिला तो पुलिस भी सन्न रह गई। शव के पेट पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाया गया था।

परिजनों के मुताबिक, बच्ची पड़ोस में रहने वाली महिला के घर अक्सर आती-जाती थी। महिला उसके परिवार के करीब थी और बच्ची की देखभाल में भी मदद करती थी। बच्ची के साथ पड़ोस के परिवार के बच्चे भी खेलते थे।

दिवाली के दिन घर से गायब हुई थी बच्ची

घटना 15 नवंबर 2020 की बताई गई है। दिवाली के दिन बच्ची पड़ोस के एक युवक के साथ खेलने गई थी। कुछ देर बाद जब वह घर नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के घरों में पूछताछ की गई, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

तलाशी के दौरान बच्ची का शव मिला। पुलिस ने जांच शुरू की तो पूछताछ में एक युवक का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने बच्ची को खेत की ओर ले जाने और वहां अपने एक साथी के साथ उसके साथ दुष्कर्म करने की बात कबूल की।

अंधविश्वास में हत्या की बात सामने आई

जांच में सामने आया कि आरोपी परिवार लंबे समय से संतान न होने की समस्या से परेशान था। आरोपियों ने कथित तौर पर एक तांत्रिक की बात पर विश्वास किया था कि दिवाली की रात किसी बच्ची के कलेजे को रोटी के साथ खाने से संतान प्राप्त हो सकती है।

इसी अंधविश्वास के चलते बच्ची को निशाना बनाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को क्षत-विक्षत किया गया।

कलेजा निकालकर ले गया आरोपी

पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी बच्ची का कलेजा निकालकर अपने रिश्तेदार के घर ले गया। वहां उसे पानी से धोकर रोटी के साथ खाने की बात सामने आई। पूछताछ में आरोपियों ने अंधविश्वास को हत्या की वजह बताया।

बच्ची की मां ने बताया कि वह अपनी बेटी को अंतिम बार ठीक से देख भी नहीं सकीं। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। घटना के बाद गांव में बच्चों को लेकर लोगों के बीच डर का माहौल बन गया और कई परिवारों ने अपने बच्चों को पड़ोस के घरों में भेजना तक बंद कर दिया।

अदालत ने सुनाई उम्रकैद

मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और मुकदमा अदालत पहुंचा। दिसंबर 2023 में विशेष पॉक्सो अदालत ने मुख्य आरोपी अंकुर, उसके साथी धीरेन तथा परम और सुनीता को उम्रकैद की सजा सुनाई।

मामले में पीड़ित परिवार की ओर से लंबे समय तक न्याय की लड़ाई जारी रही। बच्ची की मां का कहना था कि उसकी बेटी ने किसी का क्या बिगाड़ा था, जो उसे इतनी बेरहमी से मार दिया गया।

नोट: उपलब्ध सामग्री में सभी आरोपियों के नाम बदले हुए बताए गए हैं। इसलिए खबर में इन्हें वास्तविक नाम के रूप में प्रकाशित नहीं किया गया है

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