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October 20, 2026

नरेंद्र मोदी का सफर: गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक, जानिए कैसे तय किया ‘नीचे से शिखर’ तक का रास्ता

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित और लंबे सफरों में गिना जाता है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने तक उन्होंने संगठन और राजनीति के विभिन्न स्तरों पर लंबे समय तक काम किया।

मोदी का राजनीतिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ने के साथ आगे बढ़ा। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में संगठन की जिम्मेदारियां संभालीं और अलग-अलग राज्यों में पार्टी के संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। संगठनात्मक अनुभव ने उन्हें धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई।

गुजरात के मुख्यमंत्री बने

2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने लगातार विधानसभा चुनावों में भाजपा का नेतृत्व किया और लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। गुजरात में उनके प्रशासन और विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई।

2014 में राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव

2013 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बहुमत हासिल किया और नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही गुजरात की राजनीति से निकलकर उनका सफर देश की सर्वोच्च निर्वाचित कार्यपालिका के शीर्ष पद तक पहुंचा।

2019 में फिर मिला बड़ा जनादेश

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज की। नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े नीतिगत और राजनीतिक फैसले लिए।

2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही वे जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले नेताओं की सूची में शामिल हुए।

नरेंद्र मोदी का यह सफर RSS के संगठनात्मक कार्य से शुरू होकर भाजपा संगठन, गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीन कार्यकाल तक प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने की राजनीतिक यात्रा के रूप में देखा जाता है।

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