
गोरखपुर। PUBG खेलने की लत में करीब 3 लाख रुपये गंवाने के बाद 16 वर्षीय 11वीं के छात्र ने कर्ज चुकाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। छात्र ने अपनी दिल्ली में रहने वाली गर्लफ्रेंड की मदद से AI के जरिए ऐसी तस्वीर तैयार करवाई, जिसमें उसके मुंह पर टेप और शरीर पर चोट व खून के निशान दिखाई दे रहे थे। इसके बाद यह तस्वीर पिता को भेजकर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
मामला गोरखपुर जिले के सिकरीगंज क्षेत्र का है। छात्र के पिता कपड़ा कारोबारी हैं। पुलिस के मुताबिक छात्र को PUBG खेलने की आदत थी। गेम खेलने के चक्कर में उसने दोस्तों और परिचितों से पैसे उधार लिए और धीरे-धीरे उस पर करीब 3 लाख रुपये का कर्ज हो गया। जब लोग पैसे वापस मांगने लगे तो उसने खुद के अपहरण की साजिश रची।

गर्लफ्रेंड की मदद से AI फोटो तैयार करवाई
पुलिस के अनुसार छात्र ने दिल्ली में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से संपर्क किया और उसे ऐसी तस्वीर तैयार करने को कहा, जिससे लगे कि उसका अपहरण कर लिया गया है और उसके साथ मारपीट की गई है। गर्लफ्रेंड ने AI की मदद से फोटो तैयार की। इसमें छात्र के मुंह पर टेप लगा और शरीर पर चोट व खून के निशान दिखाई दे रहे थे।
इसके बाद छात्र ने मंगलवार शाम घर से निकलकर सिकरीगंज जाने की बात कही और वहां पहुंचने के बाद मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डाल दिया। बाद में उसने फोन को दोस्त के Wi-Fi से कनेक्ट किया।
पिता को भेजी धमकी, मांगी फिरौती
रात करीब 9:47 बजे छात्र के पिता के WhatsApp पर AI से तैयार फोटो और धमकी भरा मैसेज भेजा गया। मैसेज में लिखा था कि उनका बेटा उनके पास है और अगर वे उसे सही-सलामत देखना चाहते हैं तो एक लाख रुपये भेजें, वरना बेटे की लाश मिलने की धमकी दी गई।
पिता ने पैसे भेजने के बारे में पूछा तो छात्र ने एक नंबर भेजकर ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा। पिता ने ऑनलाइन भुगतान करने में असमर्थता जताई तो छात्र ने दो लाख रुपये नकद लाने को कहा। इसके बाद पिता ने धनघटा थाने पहुंचकर पुलिस को बेटे के अपहरण की जानकारी दी।
सर्विलांस से खुला पूरा राज
पुलिस ने छात्र के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया। जांच में मोबाइल की लोकेशन सिकरीगंज में मिली। इसके बाद पुलिस ने सिकरीगंज पुलिस से संपर्क किया और जानकारी साझा की।
रात करीब 2 बजे पुलिस टीम छात्र के दोस्त के घर पहुंची, जहां वह आराम से मिला। पुलिस उसे थाने ले गई और पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि छात्र ने करीब 3 लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी।
पुलिस ने छात्र को उसके दोस्त के घर से बरामद कर लिया। पूछताछ के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने मामले में छात्र की ओर से रची गई पूरी साजिश और AI से तैयार की गई फर्जी तस्वीर को जांच का अहम हिस्सा बताया है।

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