
बरेली । बरेली की सियासत में इन दिनों एक ऐसा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक निजी न्यूज चैनल/ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पिछले दिनों बरेली के मेयर उमेश गौतम को लेकर लगातार खबरें प्रसारित की गईं। इन खबरों में मेयर पर तीखी टिप्पणियां की गईं और उन्हें ‘लॉटरी बेचने वाला’ तक बताया गया।
लेकिन कुछ ही दिनों बाद तस्वीर बदली नजर आई। मेयर उमेश गौतम और उसी चैनल के मालिक एक ही होटल में साथ दिखाई दिए। दोनों की एक साथ मौजूदगी सामने आने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मामला यहीं खत्म नहीं होता। कुछ दिन पहले बरेली कैंट विधायक और मेयर उमेश गौतम के बीच कथित नोकझोंक को लेकर भी खबर चली थी। अब उस निजी चैनल ने एक रिपोर्ट में बरेली कैंट विधायक को ‘मोहम्मद गौरी’ और ‘गजनबी’ जैसे नामों से संबोधित किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक तरफ मेयर के खिलाफ लगातार तीखी खबरें, दूसरी तरफ चैनल मालिक के साथ मेयर की एक ही होटल में मौजूदगी और फिर कैंट विधायक पर निशाना—इन घटनाक्रमों ने बरेली की भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है।
हालांकि, इन मुलाकातों या खबरों के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। क्या यह महज संयोग है? क्या राजनीतिक मतभेदों के बीच समीकरण बदल रहे हैं? या फिर बरेली भाजपा की अंदरूनी खींचतान का कोई नया अध्याय सामने आ रहा है?
फिलहाल सवाल कई हैं, लेकिन जवाब साफ नहीं।
बीजेपी की आपसी कलह या कुछ और? सवाल बड़ा है… और बरेली की सियासत में चर्चा भी बड़ी है।

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