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October 20, 2026

उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य का पति पर गंभीर आरोप, ऑडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

बरेली के गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू पर हत्या की साजिश रचने का आरोप, मंत्री ने जताया जान का खतरा; ऑडियो सामने आने के बाद बिगड़ी तबीयत

बरेली। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। रेखा आर्य ने अपने पति पर एक अन्य महिला के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस मामले से जुड़ा कथित ऑडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑडियो और भावुक वीडियो जारी करने के बाद रेखा आर्य की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

कथित ऑडियो से बढ़ा विवाद

मामले में सामने आए कथित ऑडियो को लेकर कई गंभीर दावे किए जा रहे हैं। रेखा आर्य का आरोप है कि उनके पति और एक अन्य महिला के बीच उनकी हत्या की साजिश को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने खुद और अपने बच्चों की जान को खतरा बताया है। हालांकि, कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है। पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ऑडियो में क्या है और आरोपों में कितनी सच्चाई है।

भावुक वीडियो जारी कर लगाए आरोप

रेखा आर्य ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर भरोसा करके उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की, उसी ने उन्हें धोखा दिया। उन्होंने घरेलू उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं से आवाज उठाने की अपील भी की। मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके साथ लंबे समय से दुर्व्यवहार होता रहा है और विरोध करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

वर्ष 2004 में शादी करने का दावा

रेखा आर्य ने आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने वर्ष 2004 में खुद को अविवाहित बताकर उनसे शादी की थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। उनके मुताबिक, विरोध करने पर माफीनामा भी दिया गया, लेकिन इसके बाद भी व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। ये आरोप मंत्री की ओर से लगाए गए हैं; इनकी पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर होनी बाकी है।

फर्जी दस्तावेजों से कंपनी निदेशक पद से हटाने का आरोप

मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कथित फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाया गया। उन्होंने सरकारी आवास में कर्मचारियों के सामने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित रिकॉर्ड की जांच मामले में महत्वपूर्ण होगी।

गिरधारी लाल साहू का नाम पुराने मामलों में भी आया

गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी बरेली के बारादरी क्षेत्र के जोगी नवादा के निवासी बताए जाते हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उनका नाम वर्ष 1990 के चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में भी सामने आया था। इसके अलावा उत्तराखंड के किच्छा में जमीन और प्लॉट से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी मामले में नाम सामने आना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।

देहरादून पुलिस कर रही जांच

देहरादून पुलिस ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कथित साजिश, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पिछली शादी छिपाने, उत्पीड़न और धमकी समेत विभिन्न आरोपों के संबंध में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाए जाने का भी उल्लेख है। पुलिस कथित ऑडियो की फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में है।

अब इस मामले में पुलिस जांच और कथित ऑडियो की सत्यता अहम होगी। एक ओर मंत्री ने अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है, वहीं दूसरी ओर आरोपों की पुष्टि जांच और न्याययिक प्रक्रिया के आधार पर होगी ।

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