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June 13, 2026

बरेली, दलित बस्ती की बदहाली पर फूटा गुस्सा, नगर निगम में गरजे लोग — “क्या दलितों को जीने का हक नहीं?”

बरेली। कटरा चाँद खाँ की जाटव बस्ती और मलिन बस्ती की बदहाल सड़क, जाम सीवर और पेयजल संकट को लेकर बुधवार को नगर निगम परिसर में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। डॉ. भीमराव अम्बेडकर दलित उत्थान सेवा समिति के बैनर तले सैकड़ों क्षेत्रवासी नगर निगम पहुंचे और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व समिति अध्यक्ष सुनील सागर और रणवीर सिंह ने किया।

गुस्साए लोगों ने नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि दलित बस्ती के साथ खुला भेदभाव किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर निगम ने महीनों पहले सड़क खोद दी, लेकिन आज तक निर्माण पूरा नहीं कराया गया। हालत यह है कि पूरी बस्ती की सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जबकि आसपास के इलाकों में सड़कें बनकर तैयार हो गईं।

धरने के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों का दर्द भी खुलकर सामने आया। लोगों ने कहा कि टूटी सड़क के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है और बरसात में पूरा इलाका दलदल बन जाता है। सीवर जाम होने से गंदा पानी गलियों में बह रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। वहीं पेयजल संकट ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

समिति अध्यक्ष सुनील सागर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा,

“सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देती है, लेकिन दलित बस्तियों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आखिर दलित समाज के साथ यह भेदभाव कब तक चलेगा?”

रणवीर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण, सीवर सफाई और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जाटव बस्ती और अंबेडकर भवन क्षेत्र में तत्काल विकास कार्य शुरू कराए जाएं और दलित बस्तियों की लगातार हो रही अनदेखी बंद की जाए।

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