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June 17, 2026

24 महीने के मासूम की सांसों में फंसा था मौत का जाल, टीवी रिमोट का बल्ब निकला वजह

हरियाणा । फरीदाबाद में एक 24 महीने के बच्चे के साथ ऐसा मामला सामने आया, जिसने परिवार ही नहीं डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। मासूम को लगातार खांसी हो रही थी। धीरे-धीरे उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और बीच-बीच में तेज बुखार भी आने लगा। परिवार बच्चे को कई बार बाल रोग विशेषज्ञ के पास लेकर गया, लेकिन दवाइयों का कोई असर नहीं हुआ।

समय बीतने के साथ बच्चे की हालत और बिगड़ती गई। आखिरकार जब विस्तृत जांच कराई गई तो रिपोर्ट देखकर परिवार के होश उड़ गए। बच्चे ने खेल-खेल में टीवी रिमोट का छोटा बल्ब निगल लिया था, जो उसके फेफड़े की सांस की नली में जाकर फंस गया था।

फेफड़े की नली में गहराई तक फंसा था बल्ब

11 मई को बच्चे को अमृता अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि बल्ब बच्चे के दाहिने फेफड़े की निचली ब्रोंकस यानी सांस की पतली नली में गहराई तक फंसा हुआ है।

डॉक्टरों के मुताबिक मामला बेहद खतरनाक था। बल्ब में धातु के तार और नाजुक कांच मौजूद था। लंबे समय तक फंसे रहने की वजह से उस जगह सूजन और ग्रैनुलेशन टिश्यू बन चुका था, जिससे उसे निकालना और भी मुश्किल हो गया।

कई विभागों की टीम ने संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में हड़कंप मच गया। पीडियाट्रिक पल्मोनोलाजी, एडल्ट पल्मोनोलाजी, पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग की विशेषज्ञ टीमों ने तुरंत इमरजेंसी ब्रोंकोस्कोपी की तैयारी शुरू की।

इस जटिल प्रक्रिया में डॉ. मनिंदर ढालीवाल, डॉ. सौरभ पाहुजा और डॉ. रिधिमा भाटिया समेत कई विशेषज्ञ शामिल रहे। एडवांस ब्रोंकोस्कोपी तकनीक की मदद से डॉक्टरों ने बेहद सावधानी के साथ बल्ब को बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि ऑपरेशन के तुरंत बाद बच्चे की सांस सामान्य हो गई।

अब बच्चा खतरे से बाहर

सफल ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया है।

डॉक्टरों की चेतावनी

डॉक्टरों ने अभिभावकों को चेतावनी दी है कि छोटे बच्चों को टीवी और एसी के रिमोट, कैलकुलेटर, चाबी, मोबाइल फोन या छोटे पार्ट्स वाले खिलौनों से दूर रखें। जरा सी लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है।

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