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August 13, 2026

पान मसाला पैकेजिंग पर प्लास्टिक बैन, FSSAI ने जारी किए नए नियम; कंपनियों को बदलनी होगी पैकिंग

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक, पॉलीथीन, PVC, पॉलीप्रोपिलीन, सिंथेटिक पॉलिमर और प्लास्टिक आधारित लेयर के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। कंपनियों को अब पान मसाला की पैकिंग के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने होंगे।

FSSAI ने Food Safety and Standards (Packaging) Amendment Regulations, 2026 को अधिसूचित किया है। अधिसूचना के अनुसार पान मसाला को पैकेजिंग सामग्री की सूची में अलग से शामिल किया गया है और इसके लिए निर्धारित पैकेजिंग मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

अब किन चीजों में पैक हो सकेगा पान मसाला?

नए नियमों के मुताबिक कंपनियां पान मसाला की पैकेजिंग के लिए पेपर, पेपरबोर्ड, सेलूलोज या अन्य प्राकृतिक रूप से मिलने वाली सामग्री का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके अलावा टिन के डिब्बे और कांच के कंटेनर भी अनुमत पैकेजिंग विकल्पों में शामिल हैं।

बाहर पेपर और अंदर प्लास्टिक की लेयर भी नहीं चलेगी

नियमों में पैकेजिंग के अंदर प्लास्टिक या एल्युमिनियम फॉयल जैसी लेयर के इस्तेमाल पर भी रोक का प्रावधान है। यानी केवल बाहर से कागज का कवर लगाकर अंदर प्लास्टिक या दूसरी प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल करने वाली पैकेजिंग भी नियमों के अनुरूप नहीं मानी जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

FSSAI के इस बदलाव का उद्देश्य खाद्य पैकेजिंग में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना है। लंबे समय तक नष्ट न होने वाली प्लास्टिक पैकेजिंग से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पान मसाला की बिक्री पर रोक नहीं

नए नियम पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाते। बदलाव मुख्य रूप से उसकी पैकेजिंग को लेकर है। यानी बाजार में पान मसाला उपलब्ध रहेगा, लेकिन कंपनियों को निर्धारित पैकेजिंग नियमों का पालन करना होगा।

नियम तोड़ने पर कार्रवाई

यदि कोई कंपनी प्रतिबंधित प्लास्टिक या सिंथेटिक पॉलिमर वाली पैकेजिंग का इस्तेमाल जारी रखती है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून और लागू प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जुर्माने से लेकर अन्य नियामकीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

कंपनियों और ग्राहकों पर क्या असर?

नई व्यवस्था से कंपनियों की पैकेजिंग लागत बढ़ने की संभावना है, क्योंकि पेपर, टिन या कांच जैसी पैकेजिंग प्लास्टिक पैकेजिंग की तुलना में महंगी पड़ सकती है। इसका असर आगे चलकर उत्पाद की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि अंतिम कीमत कंपनियों की लागत और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।

FSSAI की अधिसूचना के अनुसार नए नियम राजपत्र में प्रकाशन के साथ लागू किए गए हैं। कंपनियों को अब पान मसाला की पैकेजिंग व्यवस्था को नए मानकों के अनुरूप करना होगा।

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