
समय-सीमा में चार्जशीट दाखिल न होने पर दिल्ली की विशेष अदालत का आदेश
नई दिल्ली। सख्त आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दर्ज एक मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक (Matthew Aaron VanDyke) समेत सात विदेशी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल दे दी। इनमें छह यूक्रेनी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) निर्धारित कानूनी समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। इसी आधार पर आरोपियों की ओर से डिफॉल्ट बेल के लिए अदालत का रुख किया गया।
अदालत ने माना कि निर्धारित अवधि में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने की स्थिति में आरोपी कानून के तहत डिफॉल्ट बेल के अधिकार का दावा कर सकते हैं। इसके बाद अमेरिकी नागरिक वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को राहत मिली।
डिफॉल्ट बेल को आम तौर पर चार्जशीट दाखिल करने की निर्धारित वैधानिक समय-सीमा समाप्त होने के बाद मिलने वाली वैधानिक जमानत के रूप में समझा जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि अदालत ने मामले में आरोपों को सही या गलत ठहरा दिया है; यह राहत जांच एजेंसी द्वारा तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने से जुड़ी होती है।
इस मामले में NIA की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर अब नजर रहेगी।

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