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September 25, 2026

अपनी SIM दूसरे को देना पड़ सकता है भारी, ₹50 लाख तक जुर्माना और 3 साल जेल का प्रावधान

नई दिल्ली। अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से जारी एडवाइजरी में नागरिकों को अपने नाम की SIM किसी अन्य व्यक्ति को देने से बचने की सलाह दी गई है।

एडवाइजरी के मुताबिक, फर्जी पहचान से SIM खरीदने या बेचने, SIM के गलत इस्तेमाल और मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़ जैसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

किराए पर SIM देने पर भी कार्रवाई संभव

DoT ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने नाम से SIM खरीदकर उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेचता, किराए पर देता या साइबर ठगी जैसे अपराधों के लिए इस्तेमाल होने देता है, तो SIM धारक के खिलाफ भी पुलिस और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में सामने आए एक साइबर फ्रॉड मामले का हवाला देते हुए बताया गया कि एक एजेंट ने लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर 25 फर्जी SIM चालू कर रखी थीं। मामला सामने आने के बाद DoT ने एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया और री-वेरिफिकेशन में फेल सभी फर्जी नंबर बंद कर दिए।

अपने नाम पर कितनी SIM हैं, ऐसे करें चेक

सरकार ने नागरिकों को संचार साथी पोर्टल/ऐप के जरिए अपने नाम पर चल रहे मोबाइल नंबरों की जांच करने की सलाह दी है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आपके नाम पर कोई अनजान मोबाइल नंबर तो सक्रिय नहीं है।

भारत में सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 SIM रखने का नियम है। जम्मू-कश्मीर, असम और कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सीमा 6 SIM है।

इसके अलावा सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि सीमा से अधिक SIM वाले मामलों की पहचान की जा सके। 23 अगस्त से एक्स्ट्रा SIM वाले ग्राहकों की पहचान संबंधी सुविधा भी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

सावधानी: अपने दस्तावेजों पर जारी SIM किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें और समय-समय पर अपने नाम पर सक्रिय मोबाइल नंबरों की जांच करते रहें।

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