
वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय में सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 70 बिस्वा जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू हो गई है। मामले की विवेचना रोहनिया थाने की पुलिस कर रही है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता का आरोप है कि उनकी बहू के नाम मौजूद आठ महीने पुरानी पावर ऑफ अटॉर्नी को एक ही दिन में निरस्त कराया गया। इसके बाद उसी दिन शाम को कथित रूप से भतीजे विशाल मिश्रा के नाम दानपत्र (गिफ्ट डीड) कराया गया और लगभग सात घंटे बाद उसी जमीन की बिक्री विलेख (रजिस्ट्री) कर दी गई।
शिकायत के अनुसार, शाम 4:38 से 4:41 बजे के बीच दानपत्र कराया गया, जबकि आरोप है कि रात 11:31 से 11:35 बजे के बीच गंगापुर रजिस्ट्री कार्यालय में संपत्ति की रजिस्ट्री कर दी गई। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि सामान्यतः रजिस्ट्री कार्यालय का सर्वर शाम 5 बजे के बाद बंद हो जाता है, ऐसे में देर रात रजिस्ट्री होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत में बीजेपी उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, नितेश राय, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और एक लिपिक की कथित मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का बयान भी सामने नहीं आया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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