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September 25, 2026

बरेली : कर्मचारियों की कमी का बहाना, क्या नगर निगम नहीं चाहता हटाना, 5 महीने पहले तबादला फिर भी जमे पड़े

शासन ने किया स्थानांतरण, नगर आयुक्त बोले—कर्मचारियों की कमी के चलते नहीं किया कार्यमुक्त

बरेली। बरेली नगर निगम में शासन स्तर से किए गए स्थानांतरण के बावजूद दो कर्मचारियों को कार्यमुक्त न किए जाने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि दोनों कर्मचारी पिछले करीब पांच वर्षों से बरेली जिले में ही तैनात बताए जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह राठौर का शासन स्तर से करीब पांच महीने पहले फिरोजाबाद तबादला किया गया था। वहीं सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पूर्णिमा का स्थानांतरण पीलीभीत नगर पालिका/निकाय के लिए किया गया। इसके बावजूद दोनों को अब तक बरेली नगर निगम से रिलीव नहीं किया गया है।

नगर आयुक्त ने क्या कहा?

मामले में नगर आयुक्त ने बताया कि शासन की ओर से स्थानांतरण आदेश प्राप्त हुआ था, लेकिन नगर निगम में कर्मचारियों की कमी होने के कारण दोनों कर्मचारियों को रिलीव नहीं किया गया।

हालांकि, पांच साल से एक ही जिले में तैनाती और तबादला आदेश जारी होने के बावजूद पांच महीने तक कार्यमुक्त न किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह भी सवाल है कि कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें रोकने के लिए क्या शासन या सक्षम प्राधिकारी से कोई औपचारिक अनुमति ली गई थी?

वेतन और तैनाती का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

तबादले के बाद भी बरेली में कार्यरत रहने वाले दोनों कर्मचारियों के वेतन आहरण और उनकी वर्तमान तैनाती का आधार भी जांच का विषय है। संबंधित आदेशों, कार्यालयी पत्राचार और वेतन रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हो सकता है कि उन्हें किस आदेश के तहत बरेली में कार्यरत रखा गया।

अब सवाल यह है कि शासन के स्थानांतरण आदेश के बावजूद पांच महीने तक रिलीव न करने की जिम्मेदारी किसकी है और क्या इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया?

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