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September 25, 2026

यूपी में कमजोर सीटों पर भाजपा के सहयोगी दल सक्रिय, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी हलचल

मुरादाबाद मंडल की कई सीटों पर सहयोगी दलों ने बढ़ाई सक्रियता, सीट बंटवारे पर नजर

लखनऊ/मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के सहयोगी दल उन विधानसभा सीटों पर अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं, जहां पिछले चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।

मुरादाबाद मंडल की कई विधानसभा सीटों पर राष्ट्रीय लोक दल (RLD), रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की सक्रियता बढ़ी है।

इन सीटों पर भाजपा को मिली है चुनौती

मुरादाबाद जिले की मुरादाबाद देहात, बिलारी और ठाकुरद्वारा सीटों पर भाजपा को पिछले चुनावों में लगातार चुनौती मिलती रही है। वहीं कुंदरकी सीट पर 2022 के उपचुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

2022 के विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद जिले की छह सीटों में भाजपा को केवल मुरादाबाद नगर सीट पर जीत मिली थी। इससे पहले 2017 में भाजपा मुरादाबाद नगर और कांठ सीट जीतने में सफल रही थी।

सहयोगी दलों ने शुरू किए कार्यक्रम

सहयोगी दलों की ओर से मंडल में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें मुरादाबाद में आरपीआई (आठवले) का सम्मेलन, निषाद पार्टी का मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन और अपना दल (एस) का क्षेत्रीय सम्मेलन शामिल हैं। ठाकुरद्वारा में रालोद की विजय संकल्प महारैली भी आयोजित हो चुकी है।

सहयोगी दलों की नजर मंडल की उन सीटों पर भी है, जहां भाजपा को लंबे समय से चुनावी चुनौती मिलती रही है। हालांकि, 2027 के चुनाव में सीटों का अंतिम बंटवारा भाजपा और सहयोगी दलों के बीच आपसी सहमति से तय होना है।

रामपुर में अपना दल (एस) का बड़ा कार्यक्रम

अपना दल (एस) के राष्ट्रीय सचिव संजीव यादव के मुताबिक, 4 नवंबर को पार्टी के स्थापना दिवस पर रामपुर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के शामिल होने की बात कही गई है।

कई सीटों पर चुनावी समीकरणों पर नजर

मुरादाबाद के अलावा अमरोहा, संभल, नगीना, नजीबाबाद और रामपुर जैसी सीटों पर भी भाजपा और उसके सहयोगी दलों की गतिविधियां बढ़ी हैं। रामपुर विधानसभा सीट पर 2022 के उपचुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन सीटों पर दलों की बढ़ती सक्रियता के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर आगे होने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे।

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