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September 25, 2026

‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत छह जिलों में 317 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण,गंभीर खामियों पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति

अयोध्या समेत कई शहरों में गंदगी, कॉकरोच, जाम ड्रेनेज और वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण की शिकायतें

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होटल और रेस्टोरेंटों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश स्तरीय खाद्य सचल दलों ने गुरुवार को मुरादाबाद, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर और कानपुर नगर में कुल 317 होटल एवं रेस्टोरेंट इकाइयों का निरीक्षण किया।

जांच में कई प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, ड्रेनेज और किचन हाइजीन से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ स्थानों पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, कीड़े-मकौड़े और कॉकरोच मिलने के साथ शाकाहारी व मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने की स्थिति भी पाई गई। गंभीर अनियमितताओं वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की संस्तुति के साथ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

छह जिलों में 317 प्रतिष्ठानों की जांच

24 सितंबर को हुई कार्रवाई में मुरादाबाद में 52, प्रयागराज में 40, अयोध्या में 97, बरेली में 34, गोरखपुर में 34 और कानपुर नगर में 60 होटल एवं रेस्टोरेंट इकाइयों का निरीक्षण किया गया।

जांच में सात, पांच और तीन सितारा होटलों के रेस्टोरेंट के साथ स्वतंत्र रूप से संचालित होटल-रेस्टोरेंट भी शामिल रहे।

कानपुर में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, वेज-नॉनवेज साथ मिला

कानपुर नगर स्थित काके की हट्टी रेस्टोरेंट की जांच में समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री, खराब साफ-सफाई, कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी और परिसर में गंदे पानी का जमाव मिला। फ्रीजर में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को भी एक साथ रखा गया था। विभाग ने इसे खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर स्थिति मानते हुए आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।

प्रयागराज में गंदा किचन और खराब ड्रेनेज

अर्बन रेजिडेंसी होटल, प्रयागराज में निरीक्षण के दौरान सैनिटेशन व्यवस्था खराब मिली। कच्चे खाद्य पदार्थों और उपकरणों की उचित सफाई नहीं होने के साथ शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के एक साथ निर्माण एवं भंडारण की स्थिति पाई गई। किचन की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।

गोरखपुर में तीन प्रतिष्ठानों में खामियां

गोरखपुर के रैडिसन होटल में हाइजीन से जुड़ी कमियों के साथ लाइसेंस संबंधी अनियमितता सामने आई। वहीं रामकृष्ण होटल में ड्रेनेज और स्वच्छता व्यवस्था खराब मिली तथा वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने और एक ही बर्तन में दोनों प्रकार के खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने की स्थिति पाई गई।

द ब्रायन फ्लावर इन रेस्टोरेंट की किचन और ड्रेनेज एरिया में अत्यधिक गंदगी, कॉकरोच, खराब स्टोरेज व्यवस्था तथा चिमनी पर कालिख और गंदगी मिली।

अयोध्या में फंगस और एक्सपायर्ड सामग्री

अयोध्या के अंदाना रेस्टोरेंट एंड ढाबा में सैनिटेशन व्यवस्था बेहद खराब मिली। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों में फंगस और कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी के साथ समाप्त हो चुकी खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की स्थिति सामने आई।

वहीं अल हिंद रेस्टोरेंट, मवई में जलभराव, जाम ड्रेनेज, गंदगी, खराब फ्रीजर और किचन में कीड़े-मकौड़ों की मौजूदगी पाई गई।

बरेली में कॉकरोच और जाम ड्रेनेज

बरेली के स्टेशन रोड स्थित कृष्णा भोजनालय के निरीक्षण में जाम ड्रेनेज सिस्टम, कॉकरोच की मौजूदगी और खाद्य पदार्थों के भंडारण से जुड़ी कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने और स्टोरेज एरिया की स्वच्छता को लेकर भी खामियां पाई गईं।

मुरादाबाद में भी सामने आईं गंभीर कमियां

होटल लवाना, मुरादाबाद में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को उचित पृथक्करण के बिना एक ही फ्रीजर में रखा गया था। स्टोर रूम में कॉकरोच और जाम ड्रेनेज की स्थिति भी मिली।

वहीं टाइम 24, दिल्ली गेट के कुकिंग एरिया में कीड़े और मक्खियां मिलीं। ड्रेनेज सिस्टम भी गंदा और जाम पाया गया।

क्रॉस-कंटेमिनेशन रोकने पर जोर

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा कच्चे माल की गुणवत्ता, किचन और प्रोसेसिंग एरिया की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण तथा वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों के अलग-अलग निर्माण और भंडारण की जांच की जा रही है।

विभाग का विशेष जोर ‘क्रॉस-कंटेमिनेशन’ रोकने पर है। यानी एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में संक्रमण न हो। इसके लिए अलग बर्तन, अलग स्टोरेज व्यवस्था और नियमित सफाई को जरूरी माना जाता है।

गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन की संस्तुति

विभाग के अनुसार, सामान्य कमियां मिलने पर प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि गंभीर अनियमितताओं वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गंभीर मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जाने की संस्तुति भी की गई है।

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