
नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया है। अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए दोनों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैं पहले दिन से कह रहा था कि यदि एक भी आरोप साबित हुआ तो मैं खुद फांसी पर चढ़ जाऊंगा। अदालत ने मुझे बाइज्जत बरी कर दिया है। मैंने जो कहा था, वह सच साबित हुआ।”
2023 में शुरू हुआ था विवाद
महिला पहलवानों के आरोपों के बाद 2023 में देशभर में इस मामले को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने धरना दिया, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। राजनीतिक दबाव के बीच भाजपा ने 2024 लोकसभा चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया और उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया।
क्या फिर चुनाव लड़ेंगे?
अदालत से बरी होने के बाद अब चर्चा शुरू हो गई है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह 2029 के लोकसभा चुनाव में वापसी करेंगे। इससे पहले वह सार्वजनिक रूप से चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके हैं, हालांकि सीट और पार्टी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश के गोंडा क्षेत्र से छह बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और पूर्वांचल की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं.

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