
बरेली। सावन माह में मांसाहार परोसने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरन हॉस्पिटल के सामने मालगोदाम रोड, सुभाष नगर स्थित शराब कैंटीन नंबर-1 को कल रात मांसाहार परोसे जाने के आरोप में सील कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, कैंटीन में मांसाहार परोसे जाने की सूचना चौकी इंचार्ज को दी गई , सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कैंटीन को सील करने की कार्रवाई की गई।

वहीं, पीलीभीत बाईपास स्थित ‘दरबारे खास’ रेस्टोरेंट को लेकर अलग सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां 15 अगस्त का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें चिकन परोसे जाने का दावा किया गया। वीडियो साक्ष्य DO बरेली को दिखाए गए, जिन्होंने वीडियो देखने के बाद चिकन परोसे जाने की बात मानी। इसके बावजूद रेस्टोरेंट के खिलाफ अब तक सीलिंग या अन्य कार्रवाई नहीं हुई और उसे क्लीन चिट दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

इसी तरह पीलीभीत बाईपास स्थित ‘यादगार रेस्टोरेंट’ का भी एक वीडियो वायरल है, जिसमें मांसाहार परोसे जाने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में भी अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सवाल यही है—
अगर सावन में मांसाहार परोसने पर शराब कैंटीन को तत्काल सील किया जा सकता है, तो कांवड़ मार्ग पर स्थित रेस्टोरेंट के लिए अलग नियम क्यों?
नियम यदि सभी के लिए समान हैं, तो कार्रवाई भी समान होनी चाहिए। एक प्रतिष्ठान पर तत्काल सीलिंग और दूसरे पर कथित वीडियो साक्ष्य के बावजूद कार्रवाई नहीं—आखिर यह अंतर क्यों?
नोट: वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित अधिकारियों/प्रशासन के आधिकारिक बयान से की जानी बाकी है।

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