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September 25, 2026

डेढ़ साल नहीं ली सुध, अफसर का नाम लिया तो डेढ़ दिन में गिरफ्तारी

फतेहगंज पश्चिमी में ही मिल गए दोनों आरोपी, गोरखपुर से गिरफ्तारी का मचा शोर

बरेली। कन्हैया गुलाटी से जुड़े कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब डेढ़ साल से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब मामले में पुलिस अधिकारियों का नाम लेकर कार्रवाई की मांग तेज हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों आरोपी फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में ही मिल गए, जबकि उनकी गिरफ्तारी गोरखपुर से किए जाने की चर्चा सामने आई।

कन्हैया गुलाटी पर बरेली और बदायूं जिलों के करीब डेढ़ हजार निवेशकों से लगभग दो हजार करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है। उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। पिछले दिनों गुलाटी और उसके सहयोगियों के खिलाफ दमदार स्वरूप पार्क में धरना-प्रदर्शन भी हुआ था। इसके बाद पीड़ित निवेशकों की ओर से फतेहगंज पश्चिमी में गुलाटी के कुछ साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव गिरफ्तार

फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने मामले में विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों लंबे समय से वांछित चल रहे थे। आरोप है कि गुलाटी के प्रभाव का इस्तेमाल कर अधिकारियों का नाम लेकर लोगों पर दबाव बनाया जाता था।

पुलिस ने बताया कि  गिरफ्तारी से पहले आरोपियों की तलाश दूसरे राज्यों  की जा रही थी, लेकिन दोनों फतेहगंज पश्चिमी में ही मिल गए। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है।

गुलाटी पर 98 केस, ईओडब्ल्यू कर रही 68 मामलों की विवेचना

बरेली पुलिस ने  बताया कि गुलाटी, उसके परिवार और साथियों के खिलाफ बरेली में 93 मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से 68 मुकदमों की पत्रावलियां ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हो चुकी हैं। इनमें छह मामलों में चार्जशीट लग चुकी है, जबकि 19 मामलों की विवेचना बरेली पुलिस कर रही है।

गुलाटी  के खिलाफ बदायूं में तीन, अयोध्या नगर और बस्ती में भी एक-एक रिपोर्ट दर्ज है। बिहार और झारखंड में भी मामले दर्ज होने की बात कही गई है।

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