
बरेली। 108वें उर्स-ए-आला हजरत के आखिरी दिन शनिवार को बरेली में जायरीन का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन यहां पहुंचे। सुबह से ही इस्लामिया ग्राउंड और मथुरापुर स्थित मदरसे में भीड़ जुटने लगी। उर्स स्थलों तक जाने वाले रास्तों पर भी भारी भीड़ के चलते यातायात प्रभावित रहा।
उर्स के आखिरी दिन कुल की रस्म को लेकर जायरीन में खासा उत्साह रहा। लाखों जायरीन कुल में शामिल होने के लिए पहुंचे। कुल की रस्म दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर पूरी हुई, जिसके बाद जायरीन की वापसी शुरू हो गई। पुलिस और प्रशासन ने वापसी के दौरान भी निगरानी बढ़ा दी है और जायरीन को सुरक्षित तरीके से शहर से बाहर निकालने पर फोकस किया जा रहा है।
4 सुपर जोन, 8 जोन और 29 सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था
उर्स की सुरक्षा व्यवस्था को 4 सुपर जोन, 8 जोन और 29 सेक्टर में बांटा गया। अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई। भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग जोन और सेक्टर बनाए गए। जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई, ताकि जायरीन और स्थानीय लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो।
सादी वर्दी में पुलिस और रिजर्व फोर्स तैनात
भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रमुख स्थानों पर रिजर्व पुलिस बल और पीएसी को भी तैयार रखा गया। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त फोर्स तत्काल मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है।
एडीजी रमित शर्मा, कमिश्नर शंभू कुमार, डीआईजी अजय कुमार साहनी, डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को उर्स क्षेत्र और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
कुल की रस्म पूरी होने के बाद अब पुलिस-प्रशासन का मुख्य फोकस जायरीन की सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी पर है।

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