
गांधीनगर। गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। राज्य में अब तक 63 संदिग्ध मामलों में से 12 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्थिति की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल (यदि स्रोत में प्रफुल्ल पानसेरिया लिखा है तो उसी के अनुसार प्रकाशित करें) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संक्रमण की रोकथाम और उपचार व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 12 संक्रमित मरीजों में 9 गुजरात और 3 राजस्थान के हैं, जिनका इलाज गुजरात में चल रहा है। अब तक 55 नमूनों की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 8 रिपोर्ट का इंतजार है।
संक्रमण के सबसे अधिक मामले पंचमहल और खेड़ा जिलों से सामने आए हैं, जहां 2-2 मरीज मिले हैं। इसके अलावा साबरकांठा, मेहसाणा, भरूच, भावनगर और अहमदाबाद नगर निगम क्षेत्र में 1-1 संक्रमित मरीज की पुष्टि हुई है।
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक हेल्थ स्क्रीनिंग, संक्रमित इलाकों की निगरानी, मरीजों की ट्रैवल और केस हिस्ट्री की जांच तथा वायरस के वाहक सैंडफ्लाई और अन्य कीटों के नियंत्रण के लिए युद्ध स्तर पर कीटनाशक छिड़काव शुरू किया है। कच्चे मकानों और पशु बाड़ों के आसपास विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में बच्चों के लिए आईसीयू बेड, आवश्यक दवाइयों और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान सितंबर तक इस वायरस की सक्रियता अधिक रहती है।
लोगों के लिए सलाह
चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। यदि किसी बच्चे में तेज बुखार, दौरे (खिंचाव), उल्टी-दस्त या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल या बाल रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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