
50 हजार में थमाए 97 फर्जी नोट, एक दिन बाद खुली ठगी की पोल
सूरत। गुजरात के सूरत शहर में ईद से पहले लगने वाली बकरा मंडी में नकली नोटों का बड़ा खेल सामने आया है। बकरा बेचने आए एक व्यापारी को 50 हजार रुपये के बदले 97 नकली नोट थमा दिए गए। मामले का खुलासा होते ही पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों की फर्जी करेंसी नेटवर्क की कड़ियां खंगालना शुरू कर दिया।
बकरा खरीदने पहुंचे, थमा गए नकली नोट
घटना सचिन थाना क्षेत्र की पलसाना टी-पॉइंट के पास लगने वाली बकरा मंडी की है। शिकायतकर्ता भंवरलाल भागरिया बकरे बेचने पहुंचे थे। इसी दौरान तीन युवक उनके पास आए और दो बकरे खरीदने का सौदा 50 हजार रुपये में तय किया।
आरोपियों ने व्यापारी को 500-500 रुपये के 100 नोट दिए और बकरे लेकर फरार हो गए।
अगले दिन हुआ ठगी का एहसास
व्यापारी को शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ, लेकिन अगले दिन जब उसने नोटों की जांच की तो उसके होश उड़ गए। कई नोटों के सीरियल नंबर एक जैसे निकले। जांच करने पर पता चला कि 100 में से 97 नोट पूरी तरह नकली थे, जबकि सिर्फ 3 नोट असली निकले।
इसके बाद व्यापारी ने तुरंत सचिन पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
खुफिया सूचना पर पुलिस का जाल, 4 आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस इंस्पेक्टर पी. बेन वाधेला और सब इंस्पेक्टर एन.डी. डामोर की टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर जाल बिछाया और चार आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- मोहम्मद उल्फत शेख
- नाजिर अंसारी
- रईस सिद्दीकी
- मोहम्मद जमाल अब्दुल सत्तार शेख
सबूत मिटाने के लिए फाड़ डाले नोट
पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी के गोदाम और घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस को 500 रुपये के कई नकली नोट मिले। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए 205 नकली नोट फाड़ दिए और कुछ को जलाने की कोशिश भी की।
हालांकि पुलिस ने मौके से नोटों के टुकड़े भी बरामद कर लिए हैं। इसके बाद आरोपियों पर सबूत मिटाने की धाराएं भी जोड़ दी गईं।
1.61 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 322 नकली नोट बरामद किए हैं। सभी नोट 500 रुपये के हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 61 हजार रुपये बताई जा रही है।
इसके अलावा पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई—
✔ बुलेट मोटरसाइकिल
✔ बकरे
भी जब्त कर लिए हैं।
अब बड़े नेटवर्क की तलाश
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर ये नकली नोट कहां छापे जा रहे थे और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। आशंका है कि ईद से पहले भीड़भाड़ वाली मंडियों में नकली नोट खपाने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

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