लखनऊ। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने OBC वर्ग से जुड़े मुद्दे को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस अपने संभावित चुनावी संकल्प पत्र में OBC एक्ट लाने का वादा शामिल करने पर विचार कर रही है। इसे SC-ST एक्ट की तर्ज पर कानूनी संरक्षण देने की पहल के रूप में बताया गया है।
पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिंद ने दावा किया है कि बिहार चुनाव के दौरान राहुल गांधी से OBC एक्ट को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन उस समय यह मुद्दा संकल्प पत्र में शामिल नहीं हो सका। अब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में इसे संकल्प पत्र में शामिल करने की बात कही जा रही है।
OBC एक्ट की मांग क्यों उठ रही है?
OBC और विशेष रूप से अति पिछड़े वर्गों से जुड़े कथित उत्पीड़न की कुछ घटनाओं का उल्लेख कांग्रेस पार्टी ने किया ओर कहा कि OBC समुदाय के लिए अलग कानूनी संरक्षण की मांग उठ रही है। कांग्रेस ने प्रतापगढ़, अयोध्या और गोंडा की घटनाओं का उदाहरण दिया
यूपी में OBC आबादी का मुद्दा
2001 की हुकुम सिंह कमेटी के हवाले से उत्तर प्रदेश में OBC आबादी करीब 50 प्रतिशत बताई गई है , इसमें विभिन्न OBC जातियों की आबादी के आंकड़े भी दिए गए हैं।
कांग्रेस के लिए OBC एक्ट का मुद्दा चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
सपा का रुख क्या होगा?
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित गठबंधन की स्थिति में OBC एक्ट का मुद्दा महत्वपूर्ण हो सकता है। वहीं, सपा की पहचान और राजनीतिक आधार को OBC वर्ग से जोड़कर भी चर्चा है ।
हालांकि, सपा की ओर से OBC एक्ट के समर्थन को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है
एक्ट लागू करना आसान नहीं
OBC एक्ट को संकल्प पत्र में शामिल करना संभव हो सकता है, लेकिन इसे जमीन पर लागू करने के लिए कानूनी प्रावधान, दायरा और SC/ST एक्ट से इसके संबंध जैसे कई पहलुओं को स्पष्ट करना होगा।


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