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June 13, 2026

थाईलैंड से भारत लाया गया साइबर ठगी का मास्टरमाइंड, CBI की बड़ी कामयाबी

नई दिल्ली/मुंबई। अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। साइबर ठगी के एक बड़े मामले में वांछित आरोपी गणेश बालासो काले को थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर थाईलैंड के बैंकॉक में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। आरोपी को 10 जून 2026 को भारत लाया गया और 11 जून को मुंबई पहुंचने पर महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल के हवाले कर दिया गया।

 

ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी का आरोप

 

जांच एजेंसियों के अनुसार गणेश बालासो काले एक ऐसे साइबर गिरोह का संचालन करता था, जो लोगों को ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। पीड़ितों से निवेश के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी और बाद में उनसे ठगी कर ली जाती थी।

CBI का कहना है कि आरोपी ने साइबर वित्तीय अपराधों का एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था, जिसके जरिए बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया जाता था।

 

बैंक खातों और फर्जी सिम का इस्तेमाल

 

जांच में सामने आया कि आरोपी कई लोगों को अपने गिरोह में शामिल करता था और उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन या ब्याज का लालच देता था। बाद में इन्हीं खातों का उपयोग ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग जगह ट्रांसफर करने और जांच एजेंसियों से बचने के लिए किया जाता था।

आरोप है कि गणेश काले अपने सहयोगियों को मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश भी देता था। इन सिम कार्डों का इस्तेमाल लोगों से संपर्क करने, फर्जी पहचान बनाने और साइबर अपराध को अंजाम देने में किया जाता था।

 

इंटरपोल की मदद से हुई गिरफ्तारी

 

CBI ने आरोपी की तलाश के दौरान इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। मई 2026 में नोटिस जारी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सक्रिय हुईं और आरोपी की लोकेशन थाईलैंड में ट्रेस की गई। इसके बाद 24 मई 2026 को बैंकॉक में उसे हिरासत में ले लिया गया।

भारत, थाईलैंड और इंटरपोल के बीच समन्वय के बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और आरोपी को भारत लाया गया।

 

साइबर नेटवर्क की होगी पड़ताल

 

CBI ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। एजेंसी के मुताबिक रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के करीब 20 दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण संभव हो सका।

अब महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क, उसके सहयोगियों और देश-विदेश में फैले वित्तीय लेनदेन की जांच करेगी।

 

प्रमुख तथ्य :

  • साइबर ठगी के आरोपी गणेश बालासो काले को थाईलैंड से भारत लाया गया।
  • इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर बैंकॉक में गिरफ्तारी हुई।
  • ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब और निवेश के नाम पर लोगों से ठगी का आरोप।
  • फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों के नेटवर्क के इस्तेमाल का आरोप।
  • महाराष्ट्र साइबर सेल अब पूरे रैकेट की जांच में जुटी।

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