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June 13, 2026

‘हैलो’ बोलते ही कट गई कॉल? गृह मंत्रालय की चेतावनी, साइबर ठगों का नया जाल ‘साइलेंट कॉल स्कैम’

नई दिल्ली। अगर किसी अनजान नंबर से कॉल आए, आपने फोन उठाकर “हैलो” कहा और सामने वाले ने तुरंत कॉल काट दी, तो इसे सामान्य नेटवर्क समस्या समझने की भूल न करें। गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने ऐसे मामलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। साइबर अपराधी अब “साइलेंट कॉल स्कैम” के जरिए सक्रिय मोबाइल नंबरों की पहचान कर लोगों को बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार बना रहे हैं।

क्या है साइलेंट कॉल स्कैम?

साइलेंट कॉल स्कैम कोई सामान्य कॉल नहीं, बल्कि साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला ऑटोमेटेड सिस्टम है। स्कैमर्स एक साथ हजारों नंबरों पर कॉल करते हैं। उनका मकसद बातचीत करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना होता है कि कौन-सा मोबाइल नंबर सक्रिय है।

जैसे ही व्यक्ति कॉल उठाकर “हैलो” बोलता है, सिस्टम उसकी आवाज पहचान लेता है और पुष्टि कर लेता है कि नंबर इस्तेमाल में है। इसके बाद कॉल तुरंत डिस्कनेक्ट कर दी जाती है और नंबर को सक्रिय संपर्क सूची में शामिल कर लिया जाता है।

इसके बाद शुरू होता है असली खेल

I4C के अनुसार, सक्रिय नंबरों की पहचान होने के बाद साइबर अपराधी कई तरह के फ्रॉड को अंजाम दे सकते हैं। इनमें फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश योजना, ओटीपी ठगी और चर्चित “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराध शामिल हैं। कई मामलों में लोगों से बैंकिंग जानकारी लेकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है।

साइबर दोस्त ने जारी की चेतावनी

गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा जागरूकता पहल “साइबर दोस्त” (Cyber Dost) ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी का कहना है कि अनजान नंबरों से आने वाली साइलेंट कॉल को हल्के में न लें, क्योंकि यह भविष्य में बड़े साइबर हमले या ठगी की शुरुआत हो सकती है।

ऐसे करें बचाव

  • कॉल उठाते ही कट जाए तो उस नंबर पर दोबारा कॉल न करें।
  • किसी संदिग्ध नंबर से लगातार कॉल आने पर उसे ब्लॉक कर दें।
  • मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाले ‘Spam’ या ‘Suspected Spam’ अलर्ट को गंभीरता से लें।
  • किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
  • ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।

शिकायत कहां करें?

यदि किसी नंबर पर संदेह हो या साइबर ठगी का प्रयास हुआ हो, तो इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा, तत्काल सहायता के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

संदेश साफ है—अनजान कॉल को नजरअंदाज करना जितना खतरनाक है, उतना ही बिना सतर्कता के जवाब देना भी। एक छोटी-सी सावधानी आपको बड़े साइबर फ्रॉड से बचा सकती है।

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