
महाराष्ट्र । नागपुर और आसपास की सड़कों के साथ-साथ जबलपुर रोड पर भी बढ़ते गड्ढे अब सिर्फ असुविधा का नहीं, बल्कि लोगों की जान का सवाल बनते जा रहे हैं। हाल ही में छिंदवाड़ा के लिंगा रिंग रोड के समीप हुए सड़क हादसे में कृष्णा आगरे की मौत के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि सड़क पर मौजूद गड्ढा हादसे का कारण बना।
नागरिकों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये रोड टैक्स और अन्य शुल्क के रूप में वसूले जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही नागपुर से लेकर जबलपुर रोड तक सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब जनता अपने दायित्व निभा रही है तो सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है?
लगातार सामने आ रहे हादसे यह संकेत देते हैं कि सड़कों के रखरखाव और समय पर मरम्मत में गंभीर खामियां हैं। यदि समय रहते गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो ऐसे हादसे आगे भी कई परिवारों की खुशियां छीन सकते हैं।
अब जरूरत केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत करने और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की है। जनता जानना चाहती है कि आखिर गड्ढों से होने वाले हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

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