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September 13, 2026

बरेली के मेयर उमेश गौतम सवालों के घेरे में

 

पहले विकास पर सवाल, फिर संपत्ति पर उठी चर्चाएं और अब रक्षाबंधन समारोह को लेकर बवाल

बरेली। बरेली के मेयर उमेश गौतम एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। मेयर का चुनाव जीतने के बाद जहां उनके कार्यकाल और शहर में विकास कार्यों को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं अब संपत्ति से जुड़े आरोपों और रक्षाबंधन समारोह में कथित महिला की मौत को लेकर विवाद ने मामले को और गरमा दिया है।

संपत्ति को लेकर निजी चैनल की रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद

उमेश गौतम की संपत्ति को लेकर एक निजी चैनल ने पूर्व में रिपोर्ट प्रसारित की थी। रिपोर्ट में उनकी आर्थिक स्थिति और संपत्ति को लेकर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में यह सवाल भी उठाया गया था कि आखिर उनकी संपत्ति में इतनी बढ़ोतरी कैसे हुई।

इसके बाद उमेश गौतम उसी चैनल के मालिक के साथ नजर आए। इसके कुछ समय बाद संबंधित रिपोर्ट के हटाए जाने की चर्चा सामने आई। इसी घटनाक्रम को लेकर सवाल उठने लगे कि आखिर रिपोर्ट हटाए जाने के पीछे क्या वजह रही। हालांकि, इस संबंध में संबंधित चैनल या मेयर की ओर से क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया गया, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है।

अब रक्षाबंधन समारोह को लेकर विवाद

ताजा मामला रक्षाबंधन समारोह का है। मेयर उमेश गौतम की ओर से आयोजित कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके बेटे पार्थ गौतम व्यवस्थाओं को लेकर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “ऐसी व्यवस्था मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के आने पर भी नहीं होती।”

इस बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी किस संदर्भ में की गई थी।

समारोह में महिला की मौत का दावा, मेयर ने नकारा

विवाद का सबसे गंभीर पहलू समारोह में एक महिला की मौत को लेकर सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि रक्षाबंधन समारोह के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में महिला की मौत हुई।

घटना के बाद मृतका के परिजनों के कथित वीडियो/बयानों में वे समारोह के दौरान हुई घटना को लेकर बात करते नजर आए। वहीं, बाद में सामने आए कुछ बयानों में मृतका के परिजनों का रुख अलग नजर आया और वे मेयर के पक्ष में बयान देते दिखाई दिए।

दूसरी ओर, मेयर उमेश गौतम कथित तौर पर अपने कार्यक्रम में किसी महिला की मौत होने की बात से इनकार करते नजर आ रहे हैं।

बदले बयानों ने खड़े किए कई सवाल

यही पूरा मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है—अगर समारोह में महिला की मौत नहीं हुई, तो शुरुआती तौर पर सामने आए परिजनों के बयान किस घटना की ओर इशारा कर रहे थे? और अगर घटना हुई थी, तो बाद में परिजनों के बयानों में बदलाव क्यों आया?

क्या परिवार पर किसी तरह का दबाव था? क्या यह उनकी मजबूरी थी? या फिर बाद में सामने आए बयान ही वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं?

 

इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अब जांच पर टिकी निगाहें

मामला गंभीर होने के कारण पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है। खासतौर पर कार्यक्रम के वीडियो फुटेज, मौके पर मौजूद लोगों के बयान, पुलिस रिकॉर्ड, अस्पताल/मेडिकल रिकॉर्ड और मृतका के परिवार के शुरुआती व बाद के बयानों की जांच से स्थिति साफ हो सकती है।

फिलहाल उमेश गौतम से जुड़े विकास, संपत्ति और रक्षाबंधन समारोह के विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सवालों का अंतिम जवाब जांच और आधिकारिक तथ्यों से ही सामने आएगा।

हमारी टीम भी इस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हें बिना किसी पक्षपात के जनता के सामने रखा जाएगा।

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