
लखनऊ। राजधानी के ऐतिहासिक विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल में अध्ययनरत कक्षा नौ की छात्रा तनिषा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील करते हुए विद्यालय को बचाने की मांग की है। छात्रा का कहना है कि स्कूल बंद होने से केवल उसकी ही नहीं, बल्कि यहां पढ़ रहे 243 विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा।
तनिषा ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है और विद्यालय बंद होने की स्थिति में सैकड़ों बच्चों की शिक्षा संकट में पड़ जाएगी। पिछले वर्ष इंस्पायर अवॉर्ड से सम्मानित तनिषा ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पुरस्कार स्वरूप प्राप्त 10 हजार रुपये भी वह विद्यालय को बचाने के लिए देने को तैयार है।
किरायेदारी विवाद बना वजह
जानकारी के अनुसार, किरायेदारी विवाद के चलते प्रशासनिक कार्रवाई में पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय परिसर खाली कराया गया। ग्रीष्मावकाश के दौरान हुई इस कार्रवाई में स्कूल के अभिलेख, फर्नीचर, कंप्यूटर, पंखे तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री परिसर से बाहर निकाल दी गई।
छात्रों और अभिभावकों का प्रदर्शन
विद्यालय के बाहर शनिवार को भावुक दृश्य देखने को मिला। छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर स्कूल बचाने की मांग करते नजर आए। कई बच्चों की आंखों में आंसू थे, जबकि अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों ने एकजुट होकर विद्यालय को बचाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
1936 से संचालित है संस्थान
विद्यालय की प्रबंधिका संतोष रस्तोगी ने बताया कि वर्ष 1936 से संचालित यह संस्थान हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा दे चुका है। प्रधानाचार्य रश्मि यादव के अनुसार, वर्तमान में स्कूल में 243 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।
जनप्रतिनिधियों और शिक्षक संगठनों का समर्थन
लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और विद्यालय को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
विद्यालय के भविष्य को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता लगातार बढ़ रही है तथा सभी पक्ष प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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