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June 13, 2026

3 से 6 हजार में कैसे चले घर!,बरेली में कूड़े के ढेर से बिगड़े हालात

ठेकेदार के खिलाफ फूटा सफाई मित्रों का गुस्सा, बरेली में कूड़े के ढेर से बिगड़े हालात

बरेली। नगर निगम के जोन-4 में सफाई मित्रों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सफाई कर्मियों ने काम ठप कर दिया, जिसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ नजर आने लगा है। पिछले तीन दिनों से घरों का कूड़ा नहीं उठने से मोहल्लों में गंदगी के ढेर लग गए हैं। भीषण गर्मी में उठती बदबू और संक्रमण के खतरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

सफाई मित्रों का आरोप है कि ठेकेदार यूनुस खान के माध्यम से उन्हें महज 3 हजार से 6 हजार रुपये तक का मानदेय दिया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम रकम में परिवार चलाना असंभव हो गया है। ऊपर से भुगतान भी समय पर नहीं मिलता। कई बार डेढ़ से दो महीने तक इंतजार करना पड़ता है।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने बकाया वेतन और मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई तो उन्हें डराया-धमकाया गया। सफाई मित्रों का आरोप है कि आवाज उठाने पर एफआईआर दर्ज कराने तक की धमकी दी गई, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया।

इधर हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। गलियों और सड़कों पर फैला कूड़ा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

सफाई मित्रों ने नगर निगम प्रशासन और सरकार से मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए और भुगतान समय पर सुनिश्चित हो। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन सफाई मित्रों की नाराजगी को कैसे शांत करता है, क्योंकि एक तरफ कर्मचारी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ शहर गंदगी की मार झेल रहा है।

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